62 वर्षीय सगीर अब्बासी ने नशाखोरी के खिलाफ जंग छेड़ “बटला हाउस” को नशामुक्त करने का संकल्प लिया है।

By Arshad Misal

बटला हाउस के 62 वर्षीय मोहम्मद सगीर अब्बासी ने नशाखोरी के खिलाफ अभियान छेड़ बटला हाउस को नशामुक्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने इस काम को अंजाम देने के लिए “समाज सुधार ट्रस्ट” नामक एक गैर-सरकारी संस्था बनाया है जो बटला हाउस के लोगों को वहां के समस्याओं से निजात दिलाने के लिए काम करती है।
बटला हाउस दिल्ली के ओखला विधानसभा में स्थित एक अविकसित अल्पसंख्यक इलाका है। यह दिल्ली के सबसे पिछड़े इलाकों में से एक है। यहां गरीबी, नशाखोरी, अपराध, गंदगी, ट्रैफिक जाम, इत्यादि मुख्य समस्याएं है। मोहम्मद सगीर अब्बासी बटला हाउस को इन्हीं समस्याओं से निजात दिलाने के लिए लगभग पिछले ढाई वर्षों से बिना स्वार्थ दिन-रात कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्होंने सबसे पहले नशा के खिलाफ अभियान चलाया और कुछ वर्षों के अंदर बटला हाउस से लगभग नशाखोरी को समाप्त कर चुके हैं। सगीर साहब का मानना है कि नशा ही सभी समस्याओं का जड़ है, इसी के वजह से अपराध, मारपीट, छेड़खानी, इत्यादि होती है। नशा ने कई युवाओं की ज़िंदगी तबाह कर रखी है। सगीर और उनकी टीम ने सबसे पहले नशेड़ियों के अड्डों का पता लगाया और उन्हें पकड़ कर उनके अभिभावकों के समक्ष पेश किया । बच्चों के करतूतों का पता चलने के बाद उनके माता -पिता ने ध्यान देना शुरू किया। वह कई युवाओं और बच्चों को नशा मुक्ति केंद्र ले जाकर मुफ्त दवाइयां दिलाई। जो लोग प्यार से नहीं माने उनके लिए डंडों का भी इस्तेमाल किया। और जहां डंडों से बात नहीं बनी वहां स्थानीय पुलिस की मदद ली। पकड़े जाने वाले नशेड़ियों में से अधिकतर युवा और बच्चें थे। सगीर अब्बासी ने कई नशा संबंधी सामग्री बेचने वालों को भी पुलिस से पकड़वाया कर जेल भेजा। वह अपने साथियों के साथ बटला हाउस और उसके आस पास के इलाकों में रोज रात पेट्रोलिंग करते हैं ताकि कोई युवा नशे के चक्कर में अपना जीवन बर्बाद न कर लें।
नशाखोरी में कमी आने के बाद सगीर अब्बासी बटला हाउस के अन्य समस्याओं पर भी काम करने लगें है, जैसे स्वक्षता और सफाई, ट्रैफिक जाम, अपराध, इत्यादि। सगीर अब्बासी द्वारा चलाए जा रहे समाज सुधार ट्रस्ट के अन्तर्गत लगभग 40 लोग काम करते हैं। इन्हे किसी भी प्रकार का वेतन नहीं दिया जाता है, यह अपनी खुशी और बटला हाउस की शुरत बदलने के लिए काम करते हैं। लेकिन इनके कामों से बहुत लोग प्रभावित हैं और भविष्य में इन्हें फंडिंग मिलने की संभावना है।

समाज सुधार ट्रस्ट की शुरुआत

सगीर अब्बासी ने हमसे बात करते हुए बताया कि “ मैं बटला हाउस के अज़ीम डेरी का रहने वाला हूं। यह बटला हाउस का सबसे बदनाम इलाका है। आज से लगभग ढाई साल पहले नशे में धुत दो लड़कों को अपने गली में लड़ते देखा और उसी समय मैंने बटला हाउस से नशाखोरी को ख़तम करने का संकल्प लिया। इसकी शुरुआत दिसंबर, 2017 में हुई, उस समय मैं अकेला था। धीरे धीरे लोगों को मेरे बारे में पता चलते गया और लोग मुझसे जुड़ते गएं। फिर कुछ समय बाद हमलोग ने इस अभियान को समाज सुधार ट्रस्ट नामक गैर सरकारी संगठन का रूप दे दिया और अभी मैं इस संगठन के अध्यक्ष के रूम में कार्य कर रहा हूं। इस संगठन से संबंधी सभी खर्चे मै खुद उठता हूं, हमें अभी कहीं से किसी प्रकार का वितीय सहायता नहीं मिलती है।“

स्थानीय पुलिस भी करती है मदद

जामिया नगर थाना के एस.एच.ओ. उपेन्द्र सिंह ने इनके कामों की सराहना की है और इन्हे हर संभव मदद देने की बात कही है। इनके साथ कभी भी किसी प्रकार की परेशानी होती है तो पुलिस इनके साथ खड़ी दिखती है। अभी हाल ही में सगीर अब्बासी की टीम को दिल्ली पुलिस ने सर्टिफिकेट और ड्रेस देकर सम्मानित किया है। इस कार्यक्रम में दिल्ली पुलिस के कई अधिकारी भी शामिल हुए थें।

सगीर अब्बासी ने बताया कि हमें यहां के लोकल गुंडों और ड्रग माफियाओं से धमकियां भी मिलती रहती हैं लेकिन हम उनके धमकियों से नहीं डरते और हम अपने काम के प्रति प्रतिबद्ध हैं। इन्हें स्थानीय नेताओं से भी किसी प्रकार की की सहायता नहीं मिलती। इन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही वह बटला हाउस में नशा मुक्ति केंद्र खोलने वाले है तथा इसके साथ नशे से ग्रसित लोगों को रोजगार दिलाने के लिए अलग-अलग प्रकार की ट्रेनिंग भी मुफ्त मुहैया कराएंगे।

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