‘हाउडी मोदी’ टू ‘नमस्ते ट्रंप’- हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए!

Nabeela Shagufi

ट्रंप के भारत दौरे को लेकर भाजपा वैसे ही खुश नजर आई जैसे कोई आम आदमी ताजमहल में घूमते हुए किसी विदेशी टूरिस्ट के साथ फोटो लेकर खुश होता है। मिलता कुछ नहीं है पर दोस्तों के बीच धाक जमाने के लिए काफी होता है। ऐसे ही ट्रंप के आने से भी लोगों को लगने लगा कि अब अंतराष्ट्रीय राजनीति में भी हमारी धाक होगी।

ट्रंप का ये दौरा कुछ ऐसे था, जैसे एक दोस्त अपने दूसरे दोस्त से बोलता है, भाई इस बार पार्टी मैं दे रहा हूँ लेकिन अगली बार तु देगा। सो ट्रंप ने अमेरिका में पार्टी दी, और ‘हाउडी मोदी’ का आयोजन किया गया। अब बारी मोदीजी की थी लेकिन ट्रंप मुग़ल-ए-आज़म के अनारकली की मां की तरह मौके का सही इस्तेमाल करने वाले निकले और जब देखा कि अमेरिका में चुनाव आने वाले हैं सो उन्होंने मोदी को उनका वायदा याद दिलाया। ये तो मोदीजी की मेहरबानी है कि ट्रंप को जुमले वाला चूना नहीं लगाया। लेकिन ये जरूर किया कि 70 लाख लोगों के स्वागत समारोह में शामिल होने का झांसा ट्रंप को दे दिया। और एक लाख लोग स्वागत समारोह में आए। ट्रंप के साथ फिर भी अच्छा हुआ वरना मोदीजी 15 लाख कहते तो पता लगता कि ट्रंप के स्वागत में मोदीजी और टीम के अलावा और कोई है ही नहीं।

अंततः ट्रंप भारत आए और भारतीय मूल के अमेरिकियों को वोट के लिए लुभाने के लिए चुनावी प्रचार-प्रसार का खर्च भी भारत से ही वसूल कर लिया। ट्रंप अगर अमेरिका में रह कर भारतीय मूल के अमेरिकियों के लिए चुनावी प्रचार-प्रसार करते तो उसे मीडिया की इतनी कवरेज नहीं मिलती जितनी भारत में आने से मिली। ट्रंप के भारत आने और दिल्ली में हो रहे दंगों ने पूरी दुनिया का ध्यान भारत की तरफ मोड़ दिया।
मोदीजी ने ‘हाउडी मोदी’ का कर्ज उतारने के लिए ‘नमस्ते ट्रंप’ का आयोजन किया और लगे हाथों एक लंबी दीवार बनवा दी ताकि ट्रंप भारत के असली हालात न देख सकें। दीवार बनने की कहानी को नदीम कासिमी की कहानी ‘घर से घर तक’ से समझा जा सकता है। जिसमें बेटी का रिश्ता लेकर आए मेहमानों के सामने अपने रौबो-दाब दिखाने के लिए नूरूलनिशा पूरे घर की गंदगी और अपने नवासों को घर के ऊपरी मंजिल में भर देती हैं। ठीक ऐसे ही हमेशा गुजरात माॅडल की बात करने वाले मोदीजी को भी इस माॅडल को ट्रंप से छुपाने की जरूरत पड़ गई।

ये अलग बात है कि मोदी के कार्यकाल में दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों ने भारत का दौरा किया और दोनों ही बार मोदीजी की किरकिरी हुई कभी दीवार को लेकर तो कभी लाखों के सूट को लेकर। पर अमेरिका से आए मेहमानों की मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ी जाती।

खैर ट्रंप भारत आए और 3 बिलियन डॉलर के डिफेंस डील की भी घोषणा कर डाली। हालांकि यूएस के साथ भारत के डिफेंस डील पहले भी होते रहे हैं। पर ये उन लोगों को खुश करने के लिए काफी था जिन्हें लगता है कि भारत ने 2014 के बाद ही तरक्की करना शुरू किया है।

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